Islamic Duniya
Tuesday, June 7, 2016
लोगों ! बेशक तुम सब की उम्मत सिर्फ एक उम्मत है और मैं तुम सब का अकेला पालनहार हूँ बस अब तुम सिर्फ मेरी ही बंदगी करना |
(पारा न: 17, सुरह: अंबिया, आयत न: 92)
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