जो लोग नादानी में बुरे
काम कर बैठते हैं, फिर तौबा कर लेते हैं और इसके बाद संभल कर सवंर जाते हैं तो
उसके बाद आप का रब ऐसे लोगों को बख्शने के लिए और उन पर मेहरबानी करने के लिए
तैयार है |
(पारा न: 14, सुरह: नहल,
आयत न: 119)
अपनी ज़बान से झूठी बकवास
ना करो कि यह हलाल है और यह हराम है | ऐसा करोगे तो अल्लाह के नाम पर तुम्हारी
मनमानी और बनावटी झूठी बातें चल पड़ेंगी | यकीनन जो लोग अल्लाह पर झूठी बातें बना
लेते हैं वो नामुराद होंगे |